हाइकु :आशा

हाइकु :आशा 
  (1)
प्रयास कर 
पर्वत वृक्ष बिन
फल मिलेगा 

 ( 2)
वक्त आयेगा 
नदी नीर विहीन 
समुन्द्र बन

  ( 3)
सीचते चले 
उर वह्नि चलेगा 
भू घास भरा 

   (4)
भाव जगाके 
दरार परे रिश्ते 
बाग खिलेगी 

  (5)
प्रयत्न  जारी 
किस्मत टूटी हुई 
लक्ष्य मिलेगी 

  ( 6)
बदलाव से  
पानी है खारा हुआ 
जिन्दा रहेंगे 

  ( 7)
भरोसा बना 
निराशा का माहौल 
दीप जलेगा 

 श्रवण कुमार पंडित (टेढ़ागाछ, बिहार)

Comments

  1. आप सबों के प्रतिक्रिया का इंतजार रहेगा

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