महात्मा गाँधी पर कविता
महात्मा गाँधी नमन हमारे राष्ट्र पिता को, नमन है उनके विचारों का। शांति व स्वछता के दूत वो, मार्ग अहिंसा पे चलने वाले। स्वराज्य का सपना जिनके, सर्वोदय समाज गढ़ने वाले। दलितों के उद्धारक बनकर, रंग-भेद मिटाया चेहरों का। नमन हमारे राष्ट्र पिता को, नमन है उनके विचारों का। कई आंदोलन चलाने वाले, राष्ट्रहित में थे सोचने वाले। अस्पृश्यता को कोढ़ माना, न्याय सबको दिलाने वाले। वर्षो किये राज यहाँ गैरों ने, वही राज हटाया गौरों का। नमन हमारे राष्ट्र पिता को, नमन है उनके विचारों का। एक सूत्र में जोड़ने वाले, एकता का पाठ पढ़ाने वाले। किसानों के समस्या जाने, वही है चम्पारण आने वाले। जलते नोआखली में गाँधी ने, निकाला समाधान दंगों का। नमन हमारे राष्ट्र पिता को, नमन है उनके विचारों का। वर्ण व्यवस्था को ठीक माने, ऊँच-नीच मिटाने...