अपने अंतर्मन को जगाओ
अपने अंतर्मन को जगाओ। नारी अस्मिता वापस लाओ, तब सच्चा मानव कहलाओ। कब-तक आँखे बंद रखेंगे - चलो अब तो अवाज उठाओ। अपने अंतर्मन को जगाओ।। जगत जननी जग में लाओ, फिर उसे अधिकार दिलाओ। भेद-भाव करने ना दो उनसे - चलो उन्हें भी शिक्षा दिलाओ। अपने अंतर्मन को जगाओ।। बँधी बेड़ी अब तोड़ हटाओ, स्वतंत्र उसे चलना सिखाओ। बने जो भी इसमें रूकावट- मिलकर चोट उनको लगाओ। अपने अंतर्मन को जगाओ।। ...